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Saturday, February 18, 2017

कृषि समन्वयकों की बहाली में नही हुआ है कोई गड़बड़ी । फर्जी न्यूज़ बनाने वाला DBN हुआ Exposed !

कृषि समन्वयकों की बहाली में नही हुआ है कोई गड़बड़ी । फर्जी न्यूज़ बनाने वाला DBN हुआ Exposed !

Daily bihar news.in के संपादक मांगे माफ़ी - डॉ अनिश कुमार


BSSC ने दी अपनी दलील । गुरूवार को अपने पूरे सुबूत के साथ हाई कोर्ट में रखेंगे अपना पछ । न्यायालय को गुमराह करने वाले भी पूरी तरह होंगे बेनकाव ।।

इस पुरे घटनाक्रम से कृषि विभाग के पदाधिकारी भी होंगे पूरी तरह बेनकाव ! जो कही न कही हर जगह बहाली में अड़ागा लगाते रहे है ।

Thursday, February 16, 2017

ब्रेकिंग : न्यूज़ चैनल की एक काली करतूत आई सामने, बिहार को बदनाम करने के लिए छापी फ़र्ज़ी खबर

ब्रेकिंग : न्यूज़ चैनल की एक काली करतूत आई सामने, बिहार को बदनाम करने के लिए छापी फ़र्ज़ी खबर ! - डॉ अनिश कुमार

इस लिंक पर क्लिक कर डॉ अनिश कुमार से फेसबुक पर जुड़े ।


Dailybiharnews.in दिनों दिन अफवाह फैलाने वाला न्यूज़ चैनल बनता जा रहा है। इसका मकसद मानों बिहार सरकार को बदनाम करना अथवा महागठबंधन में दरार डालना ही होता जा रहा है ।।

हाल में ही इस चैनल ने agriculture coordinator की बहाली को लेकर सरकार को बदनाम करने के लिए लिखा था कि 500 ऐसे लोगो का selection नही हुआ है जिसका की 3 साल का experience से ज्यादा था ।।

क्या ये उस 500 की लिस्ट मुहैया करा सकते है जिनका experience 3 साल से अधिक था और उसका selection नही हुआ हो ???

और अगर नही करवा सकते तो पूरे बिहारवासीयो से अपनी इस घटीया और ओछी हरकत के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए ।।

मेरे मानना है कि ये लोग सिर्फ cheap publicity के लिए ऐसी खबर डालते है, जिसका कोई आधार नही होता ।।




Sunday, January 29, 2017

यूपी बीजेपी: गले की फांस बन सकता है अमित शाह और केशव प्रसाद का 'क्रिमिनल रिकॉर्ड'

लखनऊ: बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष व फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्य के सामने यूं तो कई चुनौतियां खड़ी हैं, मगर सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को तीसरे से पहले पायदान पर लाने और संगठन को गुटबाजी से बाहर निकालने की है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिली शानदार सफलता के बाद उपचुनाव, पंचायत चुनाव व विधान परिषद चुनाव में मिली करारी शिकस्त से बीजेपी को उबारना केशव के लिए आसान नहीं होगा.

नए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के सामने इन तमाम चुनौतियों के बीच अपनी ‘आपराधिक छवि’ से बाहर निकलना भी कड़ी चुनौती है. उनकी नियुक्त के बाद से ही विपक्षी दल लगातार उनके आपराधिक इतिहास को कुरेदने में लगे हैं. ऐसे में ‘आपराधिक रिकॉर्ड’ केशव के लिए गले की फांस बन सकता है.