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Sunday, October 2, 2016

लोकहित में शराबबंदी को लेकर बिहार सरकार कटिबद्ध, गाँधी जयंती पर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 लागू

नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेस को संबोधित किया. बिहार में शराबबंदी का नया कानून आज से प्रभावी हों गया हैं. नीतीश कुमार ने बिहार के सभी मंत्रियों को शराबबंदी की सपथ दिलाया. गांधी जयंती के दिन से नीतीश सरकार ने शराबबंदी के नए कानून बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक 2016 को लागू कर दिया है. इस कानून को मंत्रिमंडल ने इस कानून को लागू करने की स्वीकृति दे दी.

नीतीश कुमार ने बोला ‘विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार हैं. नए कानून बनने के बाद पूरा कानून निरस्त हों चूका हैं. कोर्ट के फैसले के विरोध में विपक्ष का दोहरा चरित्र, बीजेपी शराबबंदी के नियमों का दुष्प्रचार कर रही हैं. पुराने कानून में शराब के पास अधिकार था अब नया कानून पुरे शराब बंदी कानून हैं.


नीतीश कुमार ने कहा पुरे बिहार में शराबबंदी का असर दिख रहा हैं. बिहार में लोगों की आर्थिक स्थिति सुधर रही हैं. जनचेतना जगा कर सामाजिक अभियान चलेगा. 19 लाख लोगों ने शराबबंदी का संकल्प लिया.
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि कोई भ्रम में नहीं रहे. नया काूनन विधानमंडल से पारित है और कानून को राज्यपाल से मंजूरी मिल चुकी है.
उन्होंने कहा कि हम गांधीजी के विचारों को धरती पर उतारने चाहते हैं. इसलिए 2 अक्टूबर के दिन को चुना है.

Friday, September 30, 2016

बिहार में लागू रहेगा शराबबंदी। जनादेश नीतीश को मिला है, हाइकोर्ट को नही - डॉ अनिश कुमार



आज पटना हाई कोर्ट ने एतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य में एक अप्रैल से लागू शराबबंदी कानून को रद्द कर दिया है. लेकिन आपको बता दें कि नीतीश सरकार ने पहले से ही नया शराबबंदी कानून बना रखा हैं जिसे 2 अक्टूबर को लागु कर दिया जायेगा.




जदयू तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव डॉ अनिश कुमार ने साफ़ साफ़ शब्दों में कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू रहेगा और उन्होंने यह भी साफ़ शब्दो में कहा कि, जनादेश नीतीश नीतीश को मिला  है, हाइकोर्ट को नही ...
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 इस मामले में मुख्य सचिव का बयान आया है कि सूबे में अब भी शराबबंदी लागु हैं.




नीतीश सरकार इसी 2 अक्टूबर नए शराबबंदी कानून लागु करेगी जिसके बाद देशी-विदेशी शराब पिने बेचने पर पाबंदी लग जाएगी और कड़ी सजा का प्रावधान हैं. राज्य सरकार ने कहा है कि कोर्ट ने 5 अप्रैल 2016 वाले अॉर्डर को रद किया है इसीलिए इस फैसले पर सरकार कोई टिप्पणी नहीं देगी.

Wednesday, September 28, 2016

मैं बिहार हूँ ,इतिहास के पन्नों में लिपटा,एक संसार हूँ। बहुत लंबा है मेरा इतिहास, जिसका नहीं हो सकता उपहास

हाँ नादान काटजू मैं बिहार हूँ।

मैं बिहार हूँ ,इतिहास के पन्नों में लिपटा,एक संसार हूँ।

झाँक मेरे अतीत के पन्नों में,ज्ञानों से भरा पड़ा मैं एक भण्डार हूँ।

मेरी भूमि है ज्ञानियों का, तपस्वी और बलिदानियों का,

पलट कर देख मौर्य और गुप्त के शासन को,

प्रेरणादायक है वो काल मेरा, तेज,त्याग और तप से भरी ढेरों बलिदानियों का।

लिये जन्म जहाँ चाणक्य,चन्द्रगुप्त और अशोक,

आज क्यों डूबे हैं हम,कर रहे घोर विशोक?

मेरे ही धरती ने दिया दर्शन और गणित का ज्ञान।

आज जो सब कर रहे हैं इतना अभिमान,
हमने ही कभी दिया था, सब को विज्ञान का ज्ञान।

बुद्ध को मिला यही पर ज्ञान, महावीर भी लगाये यही ध्यान।

गुरु गोविन्द और वीर कुँवर का मैं ही तो जन्मदाता हूँ,

शौर्य, पराक्रम और त्याग समेटे मैं ही देश का माथा हूँ।

आधुनिक भारत के निर्माण में, मेरा न कोई जोर है,

चंपारण की धरती देखो, स्वतंत्र भारत लाने में,

आज भी उसका शोर चहु ओर है।

भूल गए क्या वो सात शहीद, जिसने यह प्रण ठानी थी,

हो आज़ाद हम उसके खातिर अपनी प्राण गवाई थी।

क्यों कोसते हो आज तुम सब, हमारे सभी संतान को,

याद कर भारत गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति डा.राजेंद्र प्रसाद को।

बन प्रथम राष्ट्रपति, उन्होंने बढ़ाया अपने बिहार के शान को।

तानाशाही के जुल्म ने,बिहार ने ही दीया वो महान लाल,

जयप्रकाश की कुरबानियाँ से ही सम्भव हुआ कुछ ऐसा कमाल,

तभी आज लोकतंत्र और स्वच्छंदता कर रहा बाकई धमाल।
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यही धरती ने ही जन्म दिया, उस महान दशरथ मांझी को,

न जन्में दौलत के सागर में, शिक्षा भी रहा उनसे कोसो दूर,

पर लगन और तपस्या से उन्होंने ही खिलाया पहाड़ पर फूल।

इस माटी के लाल ,संप्रदा सिंह इसी बिहार के ही तो शान हैं।

उद्यम और साहस का,वो जीता जागता एक मिसाल हैं,

सपने को यथार्थ में जीकर,बढ़ाया अपने बिहार का मान है।

बाकई, यह सच्चे वीर सपूत बिहारी का ही तो कमाल है।

लंबा है मेरा इतिहास, जिसका नहीं हो सकता उपहास,

हो अगर तुझे कुछ एहसास, दिला दो मुझे अपना पुराना गौरवमयी इतिहास।